दिल्ली में पड़ रही भीषण गर्मी, स्कूली बच्चों को हीटवेव से बचाने के लिए मॉर्निंग असेंबली बंद

बच्चों को तेज धूप से बचाने के लिए मॉर्निंग असेंबली बंद कर दी गई है। खुले मैदान में होने वाले खेलों को भी रोक दिया गया है। इस बीच डॉक्टरों ने हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।

नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते तापमान के बीच स्कूलों ने बच्चों को हीटवेव से बचने के लिए उपाय शुरू कर दिए हैं। कई तरह की सावधानियां बरती जा रही हैं। धूम में होने वाली सभी गतिविधियां बंद कर दी गई हैं और बच्चों को स्कूल ड्रेस में भी छूट दी जा रही है। ताकि वे खुद को धूप और तेज गर्मी से बचा सकें। विद्या बाल भवन के प्रिंसिपल डॉ. सतवीर शर्मा ने बताया कि सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक, हमने ग्राउंड में होने वाली मॉर्निंग असेंबली रोक दी है और इसे क्लासरूम में शुरू कर दिया है। दूसरा, हमने धूप में होने वाली स्पोर्ट्स एक्टिविटीज रोक दी हैं। तीसरा, हमने स्टूडेंट्स को सफेद कैप पहनने की इजाजत दी है ताकि वे अपना सिर ढक सकें।”

विद्या बाल भवन के प्रिंसिपल ने बताया कि वह स्टूडेंट्स को ठंडा पानी दे रहे हैं। इसके साथ ही स्कूल का समय कम करने का भी इंतजाम कर रहे हैं, ताकि बच्चे दोपहर 1 बजे तक घर पहुंच जाएं।

डॉक्टर ने क्या बताया?

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. एस चटर्जी ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में गर्मी बढ़ गई है, इसलिए हमारे पास आने वाले ज्यादातर लोग हीट एग्जॉशन, हीट रैश या हीट क्रैम्प्स से परेशान हैं। हीट एग्जॉशन की वजह से लोगों को बहुत ज्यादा पसीना आता है, वे बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करते हैं, उनकी पल्स बहुत तेज हो जाती है। हीट क्रैम्प्स मांसपेशियों में ऐंठन है, जो इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस की वजह से होती है। हमारे पास अभी तक हीट स्ट्रोक का कोई मरीज नहीं आया है। यह उन लोगों में ज्यादा होता है जो धूप में काम कर रहे होते हैं, जैसे गरीब मजदूर। यह उन लोगों में ज्यादा होता है, जिन्होंने खुद को हाइड्रेट नहीं किया होता है।”

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों, स्कूल में पानी की व्यवस्था करने को कहा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पतालों, स्कूलों, निर्माण स्थलों, थानों व बस स्टैंड समेत अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने और प्रमुख स्थानों पर ओआरएस उपलब्ध कराने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गुप्ता ने सभी स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ प्रणाली शुरू करने के भी निर्देश दिए ताकि बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके और उन्हें ‘डिहाइड्रेशन’ से बचाया जा सके। उन्होंने प्रत्येक अस्पताल में लू लगने से बीमार मरीज़ों के लिए पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी एम्बुलेंस में इसके उपचार की आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के भी निर्देश दिए। बयान के अनुसार, गुप्ता ने शुक्रवार को ‘हीट वेव एक्शन प्लान 2026’ की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की समीक्षा की। दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गर्मी की स्थिति से निपटने के लिए हर स्तर पर व्यवस्था की जाए।

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