पहाड़ के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन: डॉ. अभिनव कपूर

शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- राज्य आंदोलन को लेकर इंद्रमणि बड़ोनी जी की सोच और दृष्टिकोण को लेकर आज भी उन्हें प्रत्येक उत्तराखंडी याद करता है।

देहरादून। प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता और पहाड़ के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर उनका भावपूर्ण स्मरण कर सादर नमन किया एवँ उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रणेता और पहाड़ के गांधी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बडोनी को यूं ही उत्तराखंड का गांधी नहीं कहा जाता। इसके पीछे उनकी महान तपस्या और त्याग रहा है। डॉ. अभिनव कपूर ने इंद्रमणि बडोनी द्वारा चलाए गए उत्तराखंड राज्य आंदोलन की यादों को ताजा करते हुए कहा कि उत्तराखंड को पृथक राज्य बनाने के लिए आंदोलन प्रारम्भ करने वाले इंद्रमणि बड़ोनी प्रत्येक उत्तराखंडवासी के लिए आदर्श हैं। उनका सम्पूर्ण जीवन महान संघर्ष से भरा रहा है।

शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- राज्य आंदोलन को लेकर इंद्रमणि बड़ोनी जी की सोच और दृष्टिकोण को लेकर आज भी उन्हें प्रत्येक उत्तराखंडी याद करता है। उन्होंने कहा कि इंद्रमणि बडोनी आज ही के दिन यानी 24 दिसंबर, 1925 को टिहरी जिले के जखोली ब्लाक के अखोड़ी गांव में पैदा हुए थे। स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी एक साधारण परिवार में जन्मे, लेकिन उन्होंने उत्तराखंड के लिए असाधारण काम किए थे।

डॉ. अभिनव कपूर ने स्वर्गीय बडोनी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन कईं तरह के अभावों में गुजरा था। उनकी शिक्षा गांव में ही हुई। इसके बाद उन्होंने स्नातक की उपाधि हासिल की थी। वे ओजस्वी वक्ता होने के साथ ही एक रंगकर्मी भी थे। वे लोकवाद्य यंत्रों को बजाने में निपुण थे। साथ ही उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में उनकी खास भूमिका थी।

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