अमेरिका के 22 शहरों में मनाया जाएगा नरेन्द्र मोदी की रिकॉर्ड तीसरी बार जीत का जश्न

नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज कर वर्ष 1962 के उस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू लगातार तीसरी बार इस पद पर आसीन हुए थे। अब मोदी ऐसे दूसरे प्रधानमंत्री होंगे जो उनके बाद लगातार तीसरी बार इस पद की शपथ लेंगे।

वाशिंगटन। नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व में लगातार तीसरी बार भाजपा और एनडीए को जीत दिलाकर इतिहास रच दिया है। वह रिकॉर्ड तीसरी बार 9 जून को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वर्ष 1962 में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद पीएम मोदी ऐसे दूसरे प्रधानमंत्री होंगे, जो लगातार तीसरी बार अपने दो कार्यकाल पूरा करने के बाद फिर इस पद पर काबिज होने जा रहे हैं। लिहाजा अमेरिका में पीएम मोदी की इस धमाकेदार जीत का जश्न मनाने की व्यापक तैयारी की गई है।

ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी’ (ओएफबीजेपी-यूएसए) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि नरेन्द्र मोदी के समर्थक उनके तीसरे शपथ ग्रहण समारोह का जश्न मनाएंगे। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क, जर्सी सिटी, वाशिंगटन, बोस्टन, टाम्पा, अटलांटा, ह्यूस्टन, डलास, शिकागो, लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों में मोदी के तीसरे शपथ ग्रहण समारोह का जश्न मनाया जाएगा। ओएफबीजेपी-यूएसए के अध्यक्ष अदापा प्रसाद ने पीटीआई से कहा, ”इस शुक्रवार से अगले रविवार तक अमेरिका के 22 शहरों में उनकी जीत का जश्न मनाया जाएगा।” ओएफबीजेपी-यूएसए के सदस्यों ने चुनाव-अभियान के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए अमेरिका के कई शहरों में कार रैलियां निकालीं।

1962 का पीएम मोदी ने दोहराया रिकॉर्ड

लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे बड़ी पार्टी है और 1962 के बाद यह पहली बार है कि कोई प्रधानमंत्री लगातार तीसरी बार सत्ता में आए हैं। मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे, जो 60 साल में पहली बार होगा। प्रसाद ने कहा कि भारत में नयी सरकार के गठन के बाद ओएफबीजेपी-यूएसए भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा, ”हम भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रवासी भारतीयों को एकजुट करेंगे।” उन्होंने बताया कि वे प्रवासी भारतीयों से संबंधित सभी मुद्दों के लिए अनिवासी भारतीय (एनआरआई) आयोग की स्थापना करने के लिए भी प्रधानमंत्री से अनुरोध करेंगे।

प्रसाद ने कहा कि विदेशों में रहने वाले बड़ी संख्या में भारतीयों को संपत्ति से संबंधित समस्याओं और यहां तक ​​कि बैंक हस्ताक्षरों के मिलान जैसी छोटी-छोटी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हम एक एनआरआई आयोग की स्थापना की मांग कर रहे हैं, जिससे इन मुद्दों का समाधान हो सकेगा।

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