अमर शहीद सरदार उधम सिंह की जयंती पर उन्हें सादर नमन: डॉ. अभिनव कपूर

डॉ. अभिनव कपूर ने शहीद उधमसिंह का स्मरण करते हुए कहा कि जब भी भारतीय इतिहास में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड का जिक्र आता है तो उसमें शहीद उधम सिंह का नाम जरूर लिया जाता है।

देहरादून। प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने देश के महान स्वाधीनता सेनानी, अमर शहीद सरदार उधम सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए सादर नमन किया।

इस अवसर पर जारी अपने संदेश में जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- महान स्वाधीनता सेनानी, अदम्य साहस, पराक्रम व वीरता के प्रतीक एवं जलियांवाला बाग नरसंहार का प्रतिशोध लेने वाले मां भारती के अमर सपूत शहीद सरदार उधम सिंह जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं शत्-शत् नमन।

डॉ. अभिनव कपूर ने शहीद उधमसिंह का स्मरण करते हुए कहा कि जब भी भारतीय इतिहास में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड का जिक्र आता है तो उसमें शहीद उधम सिंह का नाम जरूर लिया जाता है। शहीद उधम सिंह भारत के वहीं क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए अपनी पिस्तौल की सारी गोलियां जनरल डायर के सीने में उतार दी थीं।

डॉ. अभिनव कपूर ने ‘वीर बाल दिवस’ पर अपने संदेश में कहा- देश, धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरु श्री गोबिंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों के बलिदान दिवस ‘वीर बाल दिवस’ (साहिबजादा दिवस) पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

डॉ. अभिनव कपूर ने कहा – 26 दिसंबर का वो दिन, जब छोटी सी उम्र में हमारे साहिबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की आयु कम थी, लेकिन उनका हौसला आसमान से भी ऊंचा था। साहिबजादों ने मुगल सल्तनत के हर लालच को ठुकराया, हर अत्याचार को सहा। जब उन्हें दीवार में चुनवाने का आदेश दिया गया, तो साहिबजादों ने उसे पूरी वीरता से स्वीकार किया। साहिबजादों ने प्राण देना स्वीकार किया, लेकिन आस्था के पथ से विचलित नहीं हुए। ‘वीर बाल दिवस’ का ये दिन हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी विकट स्थितियां आएं, देश और देशहित से बड़ा कुछ नहीं होता। देश के लिए किया गया हर काम वीरता है।

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